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संत कबीर दास के दोहे अर्थ सहित

इस ब्लॉग में संत कबीर दास जी के प्रसिद्ध दोहे उनके सरल अर्थ और गहरे जीवन-दर्शन के साथ प्रस्तुत किए गए हैं। यहाँ आपको कबीर के दोहों के माध्यम से भक्ति, ज्ञान, प्रेम, सत्य और आत्मबोध का मार्गदर्शन मिलेगा। यह ब्लॉग उन सभी पाठकों के लिए है जो कबीर दास के विचारों को समझना और अपने जीवन में अपनाना चाहते हैं।

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साधु भूखा भाव का - कबीर के दोहे अर्थ सहित

साधु भूखा भाव का, धन का भूखा नाहीं। धन का भूखा जो फिरै, सो तो साधु नाहीं॥

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